शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय शाजापुर में "आत्महत्या रोकथाम" और "साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड" पर काउंसलिंग सत्र आयोजित
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शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय शाजापुर में आज "आत्महत्या रोकथाम" और "साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड" पर काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय शाजापुर में "आत्महत्या रोकथाम" (Suicide Prevention) विषय पर एक विशेष काउंसलिंग सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मानसिक तनाव से उबारना और उन्हें कठिन परिस्थितियों में संबल प्रदान करना था।
विशेषज्ञ मार्गदर्शन और 'साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड' सत्र के मुख्य वक्ता और विशेषज्ञ डॉ. पराग जैन ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने विशेष रूप से "साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड" (Psychological First Aid ) विषय पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. जैन ने बताया कि जिस तरह शारीरिक चोट लगने पर प्राथमिक उपचार जरूरी है, उसी तरह मानसिक संकट के समय मनोवैज्ञानिक प्राथमिक सहायता किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। उन्होंने छात्रों को तनाव के लक्षणों को पहचानने और एक-दूसरे की मदद करने के व्यावहारिक तरीके सिखाए।
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संस्थान के भीतर सुरक्षा उपाय
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प्राचार्य श्री विपुल परमार्गी और नोडल अधिकारी श्री जोगेंद्र भारती के निर्देशन में संस्थान में छात्रों की मानसिक सुरक्षा हेतु व्यापक कदम उठाए गए हैं। छात्रों की सुविधा और तत्काल सहायता के लिए कॉलेज परिसर के भीतर 10 से अधिक महत्वपूर्ण स्थानों पर हेल्पलाइन नंबरों के बोर्ड पर प्रदर्शित किए गए हैं।
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महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर
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संस्थान द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, छात्र किसी भी समय निम्नलिखित सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, जिसमें टेली- मानस (Tele MANAS ) : भारत सरकार की 24X7 टोल-फ्री मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवा व उमंग (UMANG): टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर तथा आपात स्थिति के लिए प्राचार्य श्री विपुल परमार्थी और नोडल अधिकारी श्री जोगेंद्र भारती के मोबाइल नंबर भी सूचना पटल पर अंकित किए गए हैं।
इस अवसर पर प्राचार्य श्री परमार्थी ने कहा कि "छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम चाहते हैं कि हर छात्र स्वयं को सुरक्षित महसूस करें और उसे पता हो कि संकट की घड़ी में संस्थान और पेशेवर मदद उसके साथ है। इस सत्र में महाविद्यालय के शैक्षणिक स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।